biology subjective question pyq class 12th bihar board (2)

Subjective Question PYQ

पुष्पी पादपों में लैंगिक जनन Subjective Question PYQ

🌸 Bihar Board Class 12 Biology | पुष्पी पादपों में लैंगिक जनन (Sexual Reproduction in Flowering Plants) 🌸

बिहार बोर्ड 2027 परीक्षा की तैयारी के लिए “पुष्पी पादपों में लैंगिक जनन” अध्याय अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस अध्याय से हर वर्ष बोर्ड परीक्षा में अनेक PYQ (Previous Year Questions), लघु उत्तरीय, दीर्घ उत्तरीय तथा वस्तुनिष्ठ प्रश्न पूछे जाते हैं। इसमें पुष्प की संरचना, परागण, द्विनिषेचन (Double Fertilization), भ्रूणपोष (Endosperm), भ्रूणाद्भव (Embryogenesis), बीज एवं फल निर्माण जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं। इस वीडियो/नोट्स में आपको बिहार बोर्ड के पिछले वर्षों के महत्वपूर्ण Subjective Questions, उनके सरल एवं सटीक उत्तर, तथा परीक्षा में बार-बार पूछे जाने वाले प्रश्नों की विशेष तैयारी कराई जाएगी, जिससे आप बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट अंक प्राप्त कर सकें।
📚 Bihar Board 2027 Exam Special
✅ PYQ Subjective Questions
✅ Important Long & Short Answers
✅ NCERT Based Explanation
✅ Board Exam Focused Preparation
✅ 100% Exam-Oriented Revision
By: रिषभ सर बायोलॉजी 🌿🎯

लघु उत्तरीय प्रश्न (Short Answer Type Questions)

1. स्वपरागण के किन्हीं दो लाभों का उल्लेख करें। [2025A]

2. झिल्ली एवं बीजावरण में कोई दो अन्तर लिखें। [2025A]

3. लघु बीजाणु धानी की संरचना का वर्णन करें। [2024A]

4. द्वि-निषेचन की व्याख्या करें। [2024A]

5. जलपरागण से आप क्या समझते हैं? सोदाहरण बताएँ। [2023A]

6. पुंकेसर तथा स्त्रीकेसर को नामांकित चित्र द्वारा परिभाषित करें। [2022A]

7. निम्नांकित को केवल नामांकित चित्र द्वारा दर्शायें।

जीवाणु कोशिका में द्विविखण्डन [2022A]

8. निम्नांकित को परिभाषित करें तथा प्रत्येक का एक उदाहरण दें। [2018A]

(i) आभासी फल

(ii) वास्तविक फल

(iii) अनिषेकजन जनित फल

(iv) बहुभ्रूणता

9. बीजाण्ड (ovule) को परिभाषित करें- [2017A]

10. कदम्ब में किसके द्वारा परागण होता है? [2014A]

11. विपुंसन से आप क्या समझते हैं? इसे क्यों कहते हैं? [2013A]

12. कूट फल के बारे में सोदाहरण बताइए। [2013A]

13. मोनोकार्पिक फलों की सोदाहरण परिभाषा दें। [2013A]

14. भ्रूणकोष की घटक कोशिकाओं के नाम क्या है? [2012A]

 

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (Long Answer Type Questions)

1. अंतर्रोपण पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखें। [2024A]

2. निम्नांकित पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखें।[2023A]

(a) कीट-परागण

(b) गुरुमकजनन। 

3. पुष्पीय पौधों में निषेचन की क्रिया का वर्णन करें। [2021A, 2011A]

4. किसी आवृतबीजी 8-केंद्रकी भ्रूणकोष का नामांकित चित्र बनायें। [2020A]

5. दोहरा निषेचन से आप क्या समझते हैं? आरेखित चित्रों की मदद से समझाएँ। [2017A]

6. बीज से आप क्या समझते हैं? किसी एक बीज की निर्माण प्रक्रिया का वर्णन करें। [2013A]

7. पर-परागण को परिभाषित करें। पर-परागण के विभिन्न अभिकर्मकों को लिखें। [2012A]

Answer

लघु उत्तरीय प्रश्न (Short Answer Type Questions)

प्रश्न 1. स्वपरागण के किन्हीं दो लाभों का उल्लेख करें। [2025A]

उत्तर: स्वपरागण (Self-pollination) के दो प्रमुख लाभ निम्नलिखित हैं:

  • परागण की निश्चितता: इसमें पौधों को दूसरे पौधों या बाहरी कारकों (जैसे- हवा, पानी, कीट) पर निर्भर नहीं रहना पड़ता, जिससे परागण की संभावना शत-प्रतिशत सुनिश्चित होती है।

  • शुद्ध वंशक्रम (Pure Line): स्वपरागण के कारण पौधों की आनुवंशिक शुद्धता बनी रहती है, यानी पीढ़ी-दर-पीढ़ी उनके गुणों में कोई अवांछित बदलाव नहीं होता।

प्रश्न 2. झिल्ली एवं बीजावरण में कोई दो अन्तर लिखें। [2025A]

उत्तर: झिल्ली (शारीरिक/कोशिकीय झिल्ली) और बीजावरण (Seed Coat) में दो मुख्य अंतर इस प्रकार हैं:

लक्षणझिल्ली (Membrane)बीजावरण (Seed Coat)
संरचना और प्रकृतियह पतली, सजीव और अर्ध-पारगम्य (Semi-permeable) होती है।यह मोटी, मृत और सुरक्षात्मक बाहरी परत होती है।
मुख्य कार्ययह कोशिकाओं के भीतर पदार्थों के आवागमन को नियंत्रित करती है।यह बीज के आंतरिक भ्रूण की प्रतिकूल परिस्थितियों और चोट से रक्षा करता है।
प्रश्न 3. लघु बीजाणु धानी की संरचना का वर्णन करें। [2024A]

उत्तर: एक प्ररूपी लघुबीजाणुधानी (Microsporangium) अनुप्रस्थ काट में वृत्ताकार दिखाई देती है। यह मुख्य रूप से चार परतों से घिरी होती है:

  • बाह्यत्वचा (Epidermis): यह सबसे बाहरी एकल परत है जो सुरक्षा का कार्य करती है।

  • एंडोथीसियम (Endothecium): यह दूसरी परत है, जिसकी कोशिकाएं रेशेदार होती हैं और परागकोष के प्रस्फुटन (dehiscence) में मदद करती हैं।

  • मध्य परत (Middle Layers): यह 1 से 3 परतों वाली होती है जो परिपक्व होने पर नष्ट हो जाती है।

  • टेपिटम (Tapetum): यह सबसे आंतरिक परत है। इसकी कोशिकाएं सघन जीवद्रव्य (dense cytoplasm) वाली होती हैं और विकसित हो रहे परागकणों को पोषण प्रदान करती हैं।

प्रश्न 4. द्व-निषेचन की व्याख्या करें। [2024A]

उत्तर: आवृतबीजी (Angiosperms) पौधों में परागनली से दो नर युग्मक (Male gametes) भ्रूणकोष के भीतर मुक्त होते हैं:

  1. सत्य निषेचन (Syngamy): पहला नर युग्मक ($n$) अंड कोशिका ($n$) से संलयित होकर द्विगुणित युग्मनज (Zygote, $2n$) बनाता है।

  2. त्रिसंलयन (Triple Fusion): दूसरा नर युग्मक (n) केंद्रीय कोशिका में स्थित दो ध्रुवीय केंद्रों (Polar nuclei, 2n) से संलयित होकर त्रिगुणित प्राथमिक भ्रूणपोष केंद्रक (PEN, 3n) बनाता है।
    चूंकि भ्रूणकोष में निषेचन की यह प्रक्रिया दो बार होती है, इसलिए इसे द्वि-निषेचन (Double Fertilization) कहते हैं।

प्रश्न 5. जलपरागण से आप क्या समझते हैं? सोदाहरण बताएँ। [2023A]

उत्तर: जब परागकणों का परागकोष से वर्तिकाग्र (Stigma) तक स्थानांतरण जल के माध्यम से होता है, तो इसे जलपरागण (Hydrophily) कहते हैं। यह जलीय पौधों में पाया जाता है।

  • उदाहरण: वैलिसनेरिया (Vallisneria), हाइड्रिला (Hydrilla) और जोस्टेरा (Zostera)।

  • नोट: वैलिसनेरिया में मादा पुष्प जल की सतह पर आकर तैरते हैं और नर पुष्प जल की सतह पर परागकण मुक्त करते हैं।

प्रश्न 6. पुंकेसर तथा स्त्रीकेसर को नामांकित चित्र द्वारा परिभाषित करें। [2022A]

उत्तर: * पुंकेसर (Stamen): यह पुष्प का नर जननांग है। इसके दो भाग होते हैं—एक लंबा डंठल जिसे पुंतंतु (Filament) कहते हैं, और शीर्ष पर द्विपालिक संरचना जिसे परागकोष (Anther) कहते हैं (जिसमें परागकण बनते हैं)।

    • स्त्रीकेसर (Pistil/Carpel): यह पुष्प का मादा जननांग है। इसके तीन भाग होते हैं—शीर्ष का चिपचिपा भाग वर्तिकाग्र (Stigma), बीच की नली जैसी संरचना वर्तिका (Style), और नीचे का फूला हुआ भाग अंडाशय (Ovary) (जिसमें बीजांड होते हैं)।

 
प्रश्न 7. निम्नांकित को केवल नामांकित चित्र द्वारा दर्शायें: जीवाणु कोशिका में द्विविखण्डन [2022A]

उत्तर: जीवाणु (Bacteria) में द्विविखंडन (Binary Fission) एक अलैंगिक जनन की विधि है, जिसमें एक मातृ कोशिका डीएनए प्रतिकृति के बाद दो समान संतति कोशिकाओं में विभाजित हो जाती है।

 
प्रश्न 8. निम्नांकित को परिभाषित करें तथा प्रत्येक का एक उदाहरण दें: [2018A]

उत्तर:(i) आभासी फल (False Fruit): जब फल के निर्माण में अंडाशय के साथ-साथ पुष्प के अन्य भाग (जैसे- पुष्पासन या Thalamus) भी भाग लेते हैं, तो उसे आभासी या कूट फल कहते हैं। उदाहरण: सेब, स्ट्रॉबेरी।

(ii) वास्तविक फल (True Fruit): जिस फल का विकास केवल पुष्प के निषेचित अंडाशय (Ovary) से होता है, उसे वास्तविक या सत्य फल कहते हैं। उदाहरण: आम, मटर।

(iii) अनिषेचन जनित फल (Parthenocarpic Fruit): बिना निषेचन (Fertilization) के ही अंडाशय के फल में विकसित होने की प्रक्रिया को अनिषेचकफलन कहते हैं और ऐसे फलों में बीज नहीं होते। उदाहरण: केला, अंगूर।

(iv) बहुभ्रूणता (Polyembryony): एक ही बीज में एक से अधिक भ्रूणों (Embryos) के उत्पन्न होने की घटना को बहुभ्रूणता कहते हैं। उदाहरण: संतरा, नींबू (Citrus कुल)।

प्रश्न 9. बीजाण्ड (ovule) को परिभाषित करें- [2017A]

उत्तर: बीजांड (Ovule) अंडाशय के भीतर पाई जाने वाली वह लघु बीजाणुधानी जैसी संरचना है जो अध्यावरणों (Integuments) से घिरी होती है। निषेचन के पश्चात यही बीजांड विकसित होकर बीज (Seed) का रूप लेता है। इसके भीतर भ्रूणकोष (Embryo sac) स्थित होता है।

प्रश्न 10. कदम्ब में किसके द्वारा परागण होता है? [2014A]

उत्तर: कदम्ब में चमगादड़ (Bats) द्वारा परागण होता है। इस प्रकार के परागण को चैरोप्टेरोफिली (Chiropterophily) कहा जाता है।

प्रश्न 11. विपुंसन से आप क्या समझते हैं? इसे क्यों कहते हैं? [2013A]

उत्तर: * क्या समझते हैं: कृत्रिम संकरण (Artificial Hybridization) के दौरान किसी द्विलिंगी पुष्प की कली अवस्था में ही उसके परागकोषों को फूटने से पहले चिमटी की मदद से काटकर हटा देना विपुंसन (Emasculation) कहलाता है।

  • क्यों करते हैं: ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि उस पुष्प में अवांछित स्वपरागण (Self-pollination) को रोका जा सके और इच्छित परागकणों से ही कृत्रिम रूप से परागण कराया जा सके।

प्रश्न 12. कूट फल के बारे में सोदाहरण बताइए। [2013A]

उत्तर: (यह प्रश्न 8(i) के समान है) जब फल का विकास अंडाशय से न होकर पुष्प के किसी अन्य भाग जैसे पुष्पासन (Thalamus) या बाह्यदलपुंज से होता है, तो उसे कूट फल (False Fruit) कहते हैं।

  • उदाहरण: सेब (Apple) और काजू। सेब में खाया जाने वाला गूदेदार भाग वास्तव में उसका विकसित पुष्पासन होता है।

प्रश्न 13. मोनोकार्पिक फलों की सोदाहरण परिभाषा दें। [2013A]

उत्तर: वे पौधे जो अपने पूरे जीवनकाल में केवल एक बार पुष्प और फल उत्पन्न करते हैं और उसके बाद सूखकर मर जाते हैं, उन्हें मोनोकार्पिक (Monocarpic) पौधे/फल कहते हैं।

  • उदाहरण: बांस (Bamboo) जो 50-100 वर्षों में एक बार फल देता है, तथा सदाबहार पौधों में केला या धान/गेहूं जैसे एकवर्षीय पौधे।

प्रश्न 14. भ्रूणकोष की घटक कोशिकाओं के नाम क्या है? [2012A]

उत्तर: एक परिपक्व आवृतबीजी भ्रूणकोष (7-कोशकीय, 8-केंद्रकीय) में निम्नलिखित कोशिकाएं होती हैं:

  1. अंड उपकरण (Egg Apparatus): इसमें एक अंड कोशिका (Egg cell) और दो सहायक कोशिकाएं (Synergids) होती हैं (बीजांडद्वारी छोर पर)।

  2. प्रतिव्यासांत कोशिकाएं (Antipodal cells): ये संख्या में तीन होती हैं (निभागीय छोर पर)।

  3. केंद्रीय कोशिका (Central cell): यह बीच की सबसे बड़ी कोशिका होती है जिसमें दो ध्रुवीय केंद्रक (Polar nuclei) होते हैं।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (Long Answer Type Questions)

प्रश्न 1. अंतर्रोपण पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखें। [2024A]

उत्तर: अंतर्रोपण (Implantation):

निषेचन के बाद युग्मनज (Zygote) में समसूत्री विभाजन (Vidalan) शुरू होता है। जब यह 2, 4, 8, 16 कोरकखंडों (Blastomeres) में बदल जाता है, तो 8-16 कोशिकाओं वाले ठोस गोलनुमा संरचना को मोरुला (Morula) कहते हैं।

    • मोरुला लगातार विभाजित होकर कोरकपुटी (Blastocyst) में बदल जाता है।

    • ब्लास्टोसिस्ट की बाहरी परत को पोषककोरक (Trophoblast) और अंदर की कोशिकाओं को अंतः कोशिका समूह (Inner cell mass) कहते हैं।

    • गर्भाशय के संपर्क में आते ही ट्रॉपोब्लास्ट गर्भाशय के अंतःस्तर (Endometrium) से जुड़ जाता है।

    • इसके बाद गर्भाशय कोशिकाएं तेजी से विभाजित होकर ब्लास्टोसिस्ट को पूरी तरह घेर लेती हैं। परिणामतः ब्लास्टोसिस्ट गर्भाशय के अंतःस्तर में धंस जाता है। इसी प्रक्रिया को अंतर्रोपण (Implantation) कहते हैं, जो गर्भावस्था की शुरुआत को चिह्नित करता है।

 
प्रश्न 2. निम्नांकित पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखें: (a) कीट-परागण, (b) गुरुमकजनन। [2023A]

उत्तर:

  • (a) कीट-परागण (Entomophily): जब परागकणों का स्थानांतरण कीटों (जैसे- मधुमक्खी, तितली) के माध्यम से होता है। कीट-परागित पुष्प बड़े, रंगीन, आकर्षक और मकरंद (Nectar) युक्त होते हैं ताकि कीट आकर्षित हो सकें। इनके परागकण चिपचिपे होते हैं। उदाहरण: सालविया, गुलाब।

  • (b) गुरुबीजाणुजनन (Megasporogenesis): गुरुबीजाणु मातृ कोशिका (MMC) से अर्धसूत्री विभाजन (Meiosis) द्वारा गुरुबीजाणुओं (Megaspores) के निर्माण की प्रक्रिया को गुरुबीजाणुजनन कहते हैं। अंडाशय के बीजांडकाय में एक कोशिका आकार में बढ़कर MMC बनाती है। इसमें अर्धसूत्री विभाजन से 4 रैखिक गुरुबीजाणु बनते हैं, जिनमें से 3 नष्ट हो जाते हैं और केवल एक क्रियाशील गुरुबीजाणु बचता है जो आगे भ्रूणकोष बनाता है।

प्रश्न 3. पुष्पीय पौधों में निषेचन की क्रिया का वर्णन करें। [2021A, 2011A]

उत्तर: पुष्पीय पौधों में निषेचन की क्रिया निम्नलिखित चरणों में पूरी होती है:

  1. परागकण का अंकुरण: परागण के बाद वर्तिकाग्र पर पहुंचे परागकण शर्करायुक्त पदार्थ अवशोषित कर अंकुरित होते हैं और एक परागनलिका (Pollen tube) बनाते हैं।

  2. परागनलिका की वृद्धि: परागनलिका वर्तिका के ऊतकों से होती हुई रासायनिक आकर्षण के कारण बीजांड की ओर बढ़ती है। इसमें दो नर युग्मक होते हैं।

  3. बीजांड में प्रवेश: परागनलिका प्रायः बीजांडद्वार (Micropyle) से होते हुए भ्रूणकोष के भीतर एक सहायक कोशिका (Synergid) के माध्यम से प्रवेश करती है।

  4. दोहरा निषेचन (Double Fertilization): भ्रूणकोष में मुक्त होने के बाद:

    • संलयन (Syngamy): एक नर युग्मक (n) अंड कोशिका (n) से मिलकर द्विगुणित युग्मनज (Zygote, 2n) बनाता है, जो आगे चलकर भ्रूण बनता है।

    • त्रिसंलयन (Triple Fusion): दूसरा नर युग्मक (n) दो ध्रुवीय केंद्रों (2n) से मिलकर त्रिगुणित प्राथमिक भ्रूणपोष केंद्रक (PEN, 3n) बनाता है, जो भ्रूण को पोषण देने वाला भ्रूणपोष बनता है।

प्रश्न 4. किसी आवृतबीजी 8-केंद्रकी भ्रूणकोष का नामांकित चित्र बनायें। [2020A]

उत्तर: आवृतबीजी पौधों का परिपक्व भ्रूणकोष 7-कोशिकीय एवं 8-केंद्रकीय होता है। इसका चित्र बनाते समय ध्यान रखें:

  • ऊपर (निभागीय छोर) 3 प्रतिव्यासांत (Antipodal) कोशिकाएं।

  • मध्य में 1 केंद्रीय कोशिका जिसमें 2 ध्रुवीय केंद्रक (Polar nuclei) हों।

  • नीचे (बीजांडद्वारी छोर) 1 अंड कोशिका (Egg cell) और 2 सहायक कोशिकाएं (Synergids) तंतुरूप समुच्चय (Filiform apparatus) के साथ।

प्रश्न 5. दोहरा निषेचन से आप क्या समझते हैं? आरेखित चित्रों की मदद से समझाएँ। [2017A]

उत्तर: (इसके लिखित भाग के लिए कृपया लघु उत्तरीय प्रश्न 4 और दीर्घ उत्तरीय प्रश्न 3 का संदर्भ लें, जिसमें सत्य निषेचन और त्रिसंलयन को स्पष्ट किया गया है)।

बोर्ड परीक्षा में इसका आरेख (Flowchart/Diagram) इस तरह बनाना चाहिए:

नर युग्मक(n) + अंड कोशिका(n)  —-> सत्य निषेचन (Syngamy —>युग्मनज } (2n) —> भ्रूण (Embry)

नर युग्म (n) + द्विगुणित ध्रुवीय केंद्रक(2n) —>  त्रिसंलयन (Triple Fusion) —> प्राथमिक भ्रूणपोष केंद्रक(3n) —> भ्रूणपोष  (Endosperm)

प्रश्न 6. बीज से आप क्या समझते हैं? किसी एक बीज की निर्माण प्रक्रिया का वर्णन करें। [2013A]

उत्तर: * बीज की परिभाषा: लैंगिक जनन का अंतिम उत्पाद जो निषेचित और परिपक्व बीजांड (Mature Ovule) होता है, उसे बीज कहते हैं। इसमें एक प्रसुप्त भ्रूण और सुरक्षात्मक आवरण होता है।

  • निर्माण प्रक्रिया (द्विबीजपत्री बीज जैसे- मटर/चना):

    1. निषेचन के बाद बीजांड के अध्यावरण (Integuments) कड़े होकर बीजावरण (Seed coat) यानी टेस्टा और टेगमैन बनाते हैं।

    2. युग्मनज ($2n$) लगातार समसूत्री विभाजनों द्वारा विभाजित होकर प्रो-एम्ब्रियो, गोलाकार, हृदयाकार अवस्थाओं से गुजरते हुए परिपक्व भ्रूण में बदल जाता है।

    3. भ्रूण के अक्ष पर दो बीजपत्र (Cotyledons) बनते हैं जिनमें भोजन संचित हो जाता है।

    4. बीजांड का केंद्रीय भाग धीरे-धीरे पानी खो देता है (10-15% नमी बचती है) और भ्रूण चयापचय रूप से निष्क्रिय अवस्था यानी प्रसुप्ति (Dormancy) में चला जाता है। इस प्रकार बीजांड पूर्णतः बीज में परिवर्तित हो जाता है।

प्रश्न 7. पर-परागण को परिभाषित करें। पर-परागण के विभिन्न अभिकर्मकों को लिखें। [2012A]

उत्तर: * परिभाषा: जब एक पौधे के पुष्प के परागकण उसी जाति के किसी दूसरे पौधे पर स्थित पुष्प के वर्तिकाग्र तक स्थानांतरित होते हैं, तो इस क्रिया को पर-परागण (Cross-pollination या Xenogamy) कहते हैं। इसके लिए बाहरी साधनों की आवश्यकता होती है।

  • पर-परागण के अभिकर्मक (Agents): इन्हें दो मुख्य भागों में बांटा गया है:

    1. अजैविक अभिकर्मक (Abiotic Agents):

      • वायु (Anemophily): हवा द्वारा परागण। पुष्प छोटे, अनाकर्षक और परागकण हल्के व शुष्क होते हैं (जैसे- मक्का, घास)।

      • जल (Hydrophily): पानी द्वारा परागण (जैसे- वैलिसनेरिया)।

    2. जैविक अभिकर्मक (Biotic Agents):

      • कीट (Entomophily): कीटों जैसे मधुमक्खियों द्वारा परागण (जैसे- सरसों, आम)।

      • पक्षी (Ornithophily): पक्षियों जैसे हमिंगबर्ड द्वारा परागण (जैसे- सेमल)।

      • चमगादड़ (Chiropterophily): चमगादड़ द्वारा रात्रि में खिलने वाले पुष्पों में परागण (जैसे- कदम्ब)।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!
Scroll to Top