- मादा जनन तंत्र के मुख्य या प्राथमिक जनन अंग 1 जोड़ी अण्डाशय होते हैं।
- दोनों अण्डाशय (ovary) उदर गुहा में अण्डाशय गर्त (ovarian fossa) में स्थित होते हैं।
- मादा द्वितीयक जननांग 1 जोड़ी फेलोपियन नलिका ( अण्ड वाहिनी), 1 गर्भाशय व 1 योनि तथा एक जोड़ी बार्थोलीन ग्रंथियाँ होती है।
- फेलोपियन नलिका का समीपस्थ प्रारम्भिक सिरा (अण्डाशय की तरफ) कीप के आकार का होता है। जिसे कीपक (Infundibulum) कहते हैं। इसके झालरदार (Fimbriated) और उंगली जैसी संरचना को फिमब्री कहते हैं। जो कि पेरिटोनियल गुहा में खुलता है।
- अण्डोत्सर्ग के दौरान अण्डाशय से उत्सर्जित अण्डाणु को संग्रह करने में ये झालर (Fimbriae) सहायक होते हैं।
- फैलोपियन का मध्य भाग एम्पला (Ampulla) होता है यह पतली दीवार वाला फूला हुआ सँपेलाकार और सबसे बड़ा होता है।
- और इसी भाग में निषेचन की क्रिया होती है।
- फैलोपियन का दुरस्थ भाग इस्थमस (isthmus) होता है। इस्थमस का वह भाग जो गर्भाशय के अंदर धँसा हुआ होता है, वह इंट्राम्यूरल (intramural) या अंतराली भाग (interstitial part) होता है।
- अण्डोत्सर्ग के दौरान अण्डा निकलकर पेरिटोनियल गुहा में आ जाता है इसलिए इसे सीलोमिक अण्डा (Coelomic egg) भी कहते हैं।
- मनुष्य में सिम्पलेक्स (Simplex) प्रकार का गर्भाशय मिलता है। यह सबसे विकसित प्रकार का गर्भाशय होता है।
- गर्भाशय का आकार उल्टी रखी हुई नाशपाती जैसा होता है। गर्भाशय का ऊपरी फैला हुआ भाग body जबकि नीचे का बेलनाकार भाग ग्रीवा (cervix) कहलाता है।
- ग्रीवा की गुहा को ग्रीवा नाल (cervical canal) कहते हैं, जो योनि के साथ मिलकर जन्म नाल (birth canal) बनाती है
- ग्रीवा की आंतरिक सतह पर 2 प्रकार के संकुचन मिलते हैं जो कि (Os-cervix) ग्रीवा द्वार बनाते हैं।
- जब गर्भाशय का शरीर (body) ग्रीवा (cervix) से एक छिद्र द्वारा जुड़ा होता है तो उस छिद्र को आंतरिक छिद्र (Internal Os) कहते हैं। और जब ग्रीवा योनि के साथ एक छिद्र द्वारा जुड़ी होती है तो उस छिद्र को बाह्य छिद्र (External Os) कहते हैं।
- ग्रीवा की दीवार में म्यूकोसल वलन (Mucosal fold) पाये जाते हैं इन्हें आर्बरवीटी यूट्राई (Arborvitae uteri) कहते हैं।
- गर्भाशय माँसल, रेशेयुक्त और ग्रंथिल विहीन नलिका समान अंग में खुलता है जिसे योनि (Vagina) कहते हैं।

